राहुल गाँधी पर बरसे रतन टाटा, खोली कांग्रेस के झूठ की पोल – कांग्रेस हुई लाल- पीली !

देश के अंदर राजनीतिक पार्टियों द्वारा एक ऐसा माहौल बनाने का प्रयास हमेशा से ही रहता है ताकि देश की जनता के अंदर एक ऐसा संदेश जाए की उनका विपक्ष या फिर यदि वह विपक्ष में है तो उनके विपक्ष वाली सरकार सवालों के कटघरे में नजर आए. ऐसा करने के दौरान वह कुछ ऐसी गलतियां भी कर जाते हैं जिससे ना सिर्फ इस देश का बल्कि समाज का भी अहित होता है. ऐसा ही कुछ करती नजर आ रही है कांग्रेस और उनके होने वाले अध्यक्ष और वर्तमान उपाध्यक्ष राहुल गांधी.

कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा को घेरे में लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया था कि उन्होंने गुजरात की सभी जमीन को टाटा को बेच दिया है. यह भी बताया गया है कांग्रेस के द्वारा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में ना सिर्फ टाटा को बहुत ही बड़ा फायदा पहुंचाया है बल्कि राज्य सरकार से 584.8 करोड रूपये का ऋण भी टाटा को दिया गया है और इससे यह साफ पता चलता है कि किस प्रकार से प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ना सिर्फ अमीरों को और अमीर कर रही है बल्कि गरीबों और पिछड़ों पर अत्याचार कर रही है.

देश के एक बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट पर ऐसा वार बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है क्योंकि Tata एक ऐसी इंडस्ट्री है जिसने देश में एक से एक बड़े रोजगार देने का कार्य किया है. Tata के साथ ही, reliance बिड़ला और अदानी ग्रुप ने भी कई प्रकार के ऐसे कार्य किए गए हैं जिन्होंने नए-नए रोजगार देने के प्रोग्राम पूरे देश में चलाएं. ऐसे व्यक्तियों पर ऐसी बेहद ओछी टिप्पणी कर यह सिद्ध किया गया है कांग्रेस द्वारा की किस प्रकार से राहुल गांधी अपनी राजनीतिक जमीन को पाने के लिए लालायित दिख रहे हैं.

अब इस बात पर रतन टाटा ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और कांग्रेस को एक ऐसा करारा जवाब दिया है जो कांग्रेस हमेशा ही अपने जीवन में याद रखेगी.टाटा मोटर्स ने गुजरात सरकार द्वारा उसे अनुचित लाभ दिए जाने के राहुल गांधी के आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गुरूवार को कहा कि राज्य सरकार से उसे 584.8 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में मिले न कि अनुदान। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि गुजरात की भाजपा नीत राज्य सरकार ने साणंद में विनिर्माण कारखाना लगाने के लिए टाटा मोटर्स को 33,000 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ दिया।

कंपनी ने एक बयान में कहा है कि गुजरात सरकार द्वारा बनाए गए निवेशक अनुकूल माहौल के चलते कंपनी साणंद में विनिर्माण कारखाना लगाने को प्रोत्साहित हुई। टाटा मोटर्स का कहना है कि उसे राज्य सरकर से 584.8 करोड़ रुपये का ऋण मिला जिसका भुगतान अभी किया जाना है। कंपनी ने दावा किया है कि साणंद में कारखाना लगाए जाने के बाद से राज्य में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगारों में बढ़ोतरी हुई है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है। गुजरात में इन दोनों दोनों प्रमुख पार्टियों के नेता चुनावी प्रचार में लगे हुए हैं। गुजरात में 9 और 14 को वोटिंग है तो वहीं 18 को राज्य विधानसभा की तस्वीर साफ हो जाएगी।

इस देश में किस प्रकार से कांग्रेस ने ना सिर्फ हमारे उन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह के गलत मत सीधा सरोकार जनता को होता है बल्कि यह भी साफ-साफ बताया है कि किस प्रकार से कांग्रेस एक चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक नीचे गिर सकती है. यही कारण है कि भगवान आतंकवादी जैसा शब्द देने वाले राहुल गांधी आजकल जनेउधारी हिंदू बने हुए हैं क्योंकि उनको गुजरात का चुनाव जीतना है, गुजरात की जनता जानती है कि गुजरात में किस प्रकार से कांग्रेस एक चुनाव को जीतने के लिए अपनी वोट बैंक पॉलिटिक्स हमेशा से ही जारी रखती है और उस से गिरी हुई राजनीतिक पार्टी शायद ही भारतीय लोकतंत्र में कोई हो.

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